Haridwar: धर्मनगरी हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध माँ मनसा देवी मंदिर में उस समय हलचल मच गई, जब अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने मंदिर परिसर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मंदिर से जुड़े कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महंत रविंद्र पुरी ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु रूप से संचालित रहें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा मंदिर प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि पिछले कुछ समय से व्यवस्थाओं को लेकर कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मंदिर की व्यवस्थाएं संतोषजनक एवं व्यवस्थित हैं, साथ ही जानकारी दी कि मंदिर परिसर में सूखे नारियल की बिक्री और चढ़ावे की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है तथा नई व्यवस्था के तहत सभी कार्य पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किए जा रहे हैं।
महंत रविंद्र पुरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश दिए। वहीं श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी जोखिमपूर्ण शॉर्टकट मार्ग का उपयोग न करें और मंदिर आने-जाने के लिए केवल निर्धारित पैदल मार्ग का ही इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा कि मनसा देवी मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी है।
