उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में 2019 से 2022 बैच के बीएएमएस छात्रों ने लंबित परीक्षा परिणाम और परीक्षाएं कराने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
विभिन्न निजी आयुर्वेदिक कालेजों से पहुंचे छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में धरना दिया। परीक्षा नियंत्रक समेत अन्य अधिकारियों के मौके पर नहीं मिलने से छात्र आक्रोशित हो गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और स्टाफ को कमरों से बाहर निकाल दिया।
इसी दौरान छह छात्र विवि परिसर में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व विवि के कर्मचारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया पर वह नहीं माने।
टंकी पर चढ़े छात्रों के समर्थन में नीचे मौजूद अन्य छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया, जिस पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ देर तक धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही।
छात्रों का कहना था कि उन्होंने बीएएमएस की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन वर्षों बाद भी उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनके परीक्षा परिणाम करीब ढाई वर्ष से घोषित नहीं किए गए हैं।
इसके अलावा आगे परीक्षाएं भी आयोजित नहीं हो रही हैं। परिणाम और परीक्षाएं लंबित रहने से वे न तो आगे की पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही इंटर्नशिप व अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में शामिल हो पा रहे हैं। इससे उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो गया है।
पूर्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने समधान का भरोसा दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जब तक परिणाम और लंबित परीक्षाओं पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि संबंधित निजी कालेजों ने इन छात्रों को बिना नीट और बिना काउंसलिंग के प्रवेश दिया था। इस मामले को लेकर न्यायालय में वाद लंबित है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश बाद ही परीक्षा परिणाम जारी करने या आगे की परीक्षाएं कराने के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर इस तरह दबाव बनाकर कोई निर्णय नहीं कराया जा सकता और न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा.
